स्वामी विवेकानंद जी की लाइब्रेरी की कहानी

स्वामी विवेकानंद जी जब शिकागो गए थे तब वह एक लाइब्रेरी में रोज जाते थे और वह उस लाइब्रेरी से सुबह में एक बुक लेते थे और शाम तक उसको उस लाइब्रेरी में रख देते थे ऐसे ही वह प्रतिदिन करते थे वहां बैठी एक महिला उनको रोज देखती थी और एक दिन उनसे पूछे कि तुम सुबह किताब ले जाते हो और शाम तक लौटा देते हो जब किताब पढ़ना ही नहीं होता है तो ले क्यों जाते हो मगर स्वामी विवेकानंद जी बोले कि मैं तो किताब पढ़ लेता हूं यह सुनकर उस महिला को गुस्सा आ गया और वह महिला उनसे सवाल पूछने के लिए 30 दिनों का बुक जो स्वामी विवेकानंद जी पढे हुए थे एक टेबल पर लाकर रख दी और उन सब किताबों में से एक किताब को उठाया और उसमें से सवाल पूछने लगी स्वामी विवेकानंद जी ने उस सवालों का जवाब देते हुए उस बुक में जिस पेज पर वह सवाल लिखा हुआ था उस पेज नंबर को भी बता दिया और जो उसने उत्तर पूछा था उत्तर देते हुए भी पूरा सारांश बता दिए जिससे कि वह महिला हैरान हो गई वह सोचने लगी कि एक व्यक्ति एक बुक को 1 दिन में कैसे पड़ सकता है इस कहानी से हमको यह सीख मिलती है कि हमारा जिस भी सब्जेक्ट में रुचि है हम उसको हंड्रेड परसेंट कर सकते हैं और उस पर सफलता हासिल कर सकते हैं

Comments

Popular posts from this blog

comedy script

sound

समय का कीमत