आज की कहानी

आज 25/07/2022 मैं सुबह प्रातः उठा और हमेशा की तरह आज भी तैयार होकर अपने स्कूल मे पढ़ाने गया और स्कूल में अच्छे से बच्चों को पढ़ाया और जैसे ही छुट्टी हुआ वैसे ही मुझे मेरे भाई का कॉल आया कि भैया मैं बैंक में आया था और बैंक में समूह का पैसा जमा करने के लिए मैं फार्म भर  रहा था तभी एक ब्राह्मण आदमी बैंक से बाहर निकला और वह अपने बाइक कि ओर  देखा उसके बाइक के पास मेरी साइकिल खड़ी थी और वह देखा कि  बाइक के मुंडे में थोड़ा स्क्रैच आया था वह देखकर क्रोधित हो गया और पूछा यह किसकी साईकिल है तुरंत मेरे भाई ने उसको जवाब दिया कि मेरा है और वह क्रोधित होकर मेरे भाई की ओर झपट पड़ा और कालर पकड़कर उसको घसीट कर   आगे की तरफ ले कर जाने लगा जिससे कि उसका पैसा ₹8000 गिर गया उसमें से ₹6000 मिला परंतु ₹2000 पासबुक के साथ गिरा लेकिन मिला नहीं और वह कालर पकड़कर डांट रहा था और गाली दे रहा था बोल रहा था कि मेरे बाइक का मुंडा क्यों तोड़ा मेरे भाई ने यह बोला कि आपको गलतफहमी हुई है मैंने आपका मुंडा नहीं तोड़ा है चाहे तो आप कैमरे में देख सकते हैं सीसीटीवी कैमरा ऑन करवाइए और देखिए कि हमने आपका मुंडा तोड़ा है कि नहीं अगर हमने आपका मुंडा थोड़ा होगा तो मैं आपका भरपाई करूंगा मगर यह सब कहने पर भी वह नहीं सुना और गाली बकने लगा और गाली दे रहा था फिर मेरे भाई ने मुझे कॉल किया और बताया सारी बात तो मैं अपने स्कूल से जल्द से जल्द छुट्टी लेकर बाइक लेकर बैंक में आया बैंक में आते ही मेरा भाई जोर जोर से रोने लगा और सभी बातों को अच्छी तरह से बताया फिर मैंने  बोला कि कहां है मेरे भाई ने उस व्यक्ति को बताया कि वह एक गैरेज की दुकान में बैठा है तो मैंने बोला कि चलो देखता हूं कहां पर है  मैं वहां गया और मैं उससे बात किया तो वह मुझसे भी क्रोधित होकर गलत शब्द का प्रयोग करते हुए बात कर रहा था मगर मैंने उसका नाम पूछा पता पूछा और गांव पूछा और उसके पिता का नाम पूछा तो मुझसे वह पूरा एड्रेस पूछने लगा मैंने उसको अपना पूरा एड्रेस बताया और बता कर अपने ग्राम प्रधान के पास में गया और उसका फोटो भी खींचा उस फोटो को मैंने अपने ग्राम प्रधान को दिखाया ग्राम प्रधान ने बोला कि यह तो खरावन  भिखारीपुर का रहने वाला है जो कि अवधेश सिंह दुबे नाम है जो कि पेशे से एक डॉक्टर है तब मैंने उनको पूरी बातें अच्छी तरह से बताई और वह फिर उनको फोन किए फोन करके जब उनको बुलाने लगे तो वह फोन रिसीव नहीं कर रहे थे ग्राम प्रधान  हमसे कहने लगे कि आप चले जाइए उनके घर और उनसे यह बोलिए कि  मेरा ₹2000 गिरा हुआ है और जो आपने मुझसे अभद्र व्यवहार किया और मेरा कॉलर पकड़ा उसके लिए आप अपनी गलती को मान रहे हैं और जो मेरा ₹2000 आपकी वजह से गुम हो गया वह मुझे लौटा रहे हैं नहीं तो मैं आप पर जाकर f.i.r. कर दूंगा तब मै उनके घर गया घर जाकर जैसे ही उनका नाम लेकर पूछने लगा तब उनके घर के लड़के ने मुझसे अभद्र व्यवहार से बात की फिर उसके बाद कुछ समय तक उससे  बहस हुई फिर उसके बाद जिस ने यह गलती की थी उसके पास गए और उससे भी कुछ समय तक हम से बात हुई और हमने बोला कि चलिए आप सीसीटीवी कैमरे में चेक करिए कि किसकी गलती है लेकिन वह जाने के लिए तैयार भी नहीं हुआ और वह अपने घर के एक लड़के को भेज रहा था जिससे कि अगर बात करते तो कुछ भी समझ में नहीं आता  कि गलती किसकी है  लेकिन वह गया नहीं बैंक में सीसीटीवी कैमरे चेक करने के लिए वह लड़का मेरे साथ आया बैंक में और सीसीटीवी कैमरा चेक करवाने के लिए बोला लेकिन बैंक वालों ने कैमरा चेक नहीं किया और ऐसे ही 1:00 से लेकर 3:30 बज गए मगर कुछ नहीं हुआ तब मैंने बोला कि अगर आपको ₹2000 देना है तो दीजिए नहीं तो मैं F I R  करने जा रहा हूं और जो आपने गलती की है उसके लिए आप गलती दार होंगे तो कुछ समय बिता  उन्होंने बोला कि चलिए आपकी भी गलती है और हमारी भी गलती है चलिए हम आप दोनों आधे आधे रुपए को कमप्रोमाइजिंग कर लें 1000 आप दो 1000 हम देते हैं तो मैंने बोला नहीं आप ही को पूरे पैसे पे करने पड़ेंगे नहीं तो मैं केस करूंगा कुछ समय बाद फिर से उन्होंने बोला चलिए ठीक है आप 1500 ले लीजिए मगर मैंने तब भी बोला कि नहीं आप मुझे पूरा पैसा देंगे तभी मैं लूंगा अन्यथा मैं केस करूंगा तो कुछ समय  बीते और उन्होंने ₹2000 दे दिए मगर इस मैटर में  मुझे एक  बात समझ में आई कि अगर मैं सच्चाई पर किसी से लड़ा  अगर सच्चाई मेरे साथ है तो मुझे कोई हरा नहीं सकता है और इसी बीच मुझे एक और अनुभव हुआ कि जब मेरे भाई ने अपने बहुत प्रिय  चचेरे भाई को बुलाया और बताया कि मेरे साथ ऐसा ऐसा  हुआ   तो उसने बोला कौन था आता हूँ उसको बताता हूं तो वह आया बैंक  वह बोला कहां पर है जब उसको बताया गया कि यह है तो तुरंत वह डर गया और उसको नमस्कार कर लिया और यह हमसे बोलने लगा कि देखो भाई यह मेरे परिचय के हैं मैं इसमें तुम्हारा कोई मदद नहीं कर सकूंगा  ,,, ( मगर ग्राम प्रधान के जो हमारे प्रधान जी थे वह हमारे साथ बहुत ही अच्छे से पेस आए और मुझ को सपोर्ट किए)
दुनिया बहुत मतलबी है अकेले संघर्ष करना पड़ेगा खुद को साबित करने के लिए मजबूत बनाना पड़ेगा तभी अपने आप से जीत पाओगे जय हिंद जय भारत

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